- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
नववर्ष के स्वागत में घर पर ही बजाएं शंख-झालर, घंटी-ताली
Ujjain News: चैत्र नवरात्रि पर देवी मंदिरों में सामान्य पूजा, नहीं हो अधिक भीड़
कोरोना वायरस के प्रभाव और खतरे से बचने के लिए हर व्यक्ति को घर में रहने की अपील की जा रही है। २५ मार्च को हिंदू नववर्ष आरंभ हो रहा है। इस दिन रामघाट पर प्रतिकात्मक पूजा होगी, वहीं नागरिकों से कहा जा रहा है कि वे अपने घरों में रहकर ही शंख-झालर, घंटी-ताली आदि बजाकर नववर्ष का स्वागत करें। वहीं नवरात्रि पर्व पर मंदिरों में अधिक भीड़ न हो, ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं।
चैत्र प्रतिपदा पर हर वर्ष रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह एकत्रित होकर नए साल के सूर्य की प्रथम किरण को अघ्र्य प्रदान करते हैं। मंत्रोच्चारण और शंखध्वनि से नए साल का स्वागत होता है, नीम-मिश्री का प्रसाद बांटा जाता है, लेकिन इस बार प्रतिकात्मक रूप से ही पूजन-अर्चन किया जाएगा। यह बात ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का प्रभाव रोकने के लिए अधिक भीड़ नहीं करना है। लोग भी अपने-अपने घरों में नए साल का स्वागत सुबह 7.27 मिनट पर सूर्य को अघ्र्य प्रदान कर शंख, झालर आदि बजाएं, जिससे परंपरा का निर्वाह भी हो जाएगा और इस ध्वनि के प्रभाव से कोरोना भी दूर होगा।
सामान्य पूजा ही होगी
नवरात्रि पर देवी मंदिरों में सामान्य पूजा-पाठ ही होंगे। चामुंडा माता मंदिर के पुजारी पं. शरद चौबे ने कहा कि हम प्रशासन के साथ हैं और कोरोना को फैलने से रोकने सुबह-शाम सामान्य पूजा ही करेंगे। इसी प्रकार हरसिद्धि, गढ़कालिका, चौबीस खंभा माता व अन्य देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ न हो, ऐसा सभी संकल्प लें कि घर में रहकर ही पूजन आदि करें। स्थिति सामान्य हो, तब ही दर्शन करने मंदिर आएं।